पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रामस्वरूप शर्मा के गृह क्षेत्र जोगिंद्रनगर के लदरूहीं में आश्रय की जनसभा में कहा कि जनता बाप की गलतियों की सजा बेटे को न दे। उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने में आश्रय के पिता अनिल भाजपा में चले गए थे, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर कांग्रेस को मजबूत किया है।
आश्रय में अपने दादा पंडित सुखराम की तरह ही सभी राजनीतिक गुण हैं। वीरभद्र ने मुख्यमंत्री जयराम पर निशाना साधा कि वह मात्र अपने जिला मंडी में ही फंस कर रह गए हैं जबकि उनको तो पूरा हिमाचल चलाना है। उन्हें प्रदेश की जनता की चिंता नहीं है वह तो मात्र हेलीकॉप्टर उड़ाए जा रहे हैं।
उन्होंने रामस्वरूप शर्मा से पूछा कि वह अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में एक भी काम बताएं जो उन्होंने जनता के लिए किया हो। भाजपा के राज में प्रदेश में क्राइम और चिट्टा-चरस की तस्करी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के इन सौदागरों को जयराम सरकार का संरक्षण है। वहीं, उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप की जमानत जब्त होनी चाहिए।
वीरभद्र बनने की कोशिश न करें जयराम : मुकेश
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नसीहत दी कि वह वीरभद्र सिंह की तरह बनने की कोशिश न करें। वीरभद्र सिंह पिछले लगभग साठ सालों से राजनीति में हैं और प्रदेश की गरीब जनता की सेवा करते आ रहे हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर को छोड़ कर जमीन से जुड़कर प्रदेश की जनता की सेवा करनी होगी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरह ही बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही है।