पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने प्रदेश वासियों से आह्वान किया है कि वे लोकतंत्र के पर्व में 19 मई को बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। साथ ही उन लोगों को भी प्रेरित करें, जो इसके प्रति उदासीन दिखें।
वीरभद्र सिंह ने जारी बयान में कहा कि लोकतंत्र का यह पर्व पांच साल में एक बार आता है। भारत के संविधान ने हमें अपने मतदान के अधिकार की आजादी देते हुए बिना किसी डर भय के अपना मत देने का पूरा अधिकार दे रखा है।
राजनीति में पार्टियों के बीच विचारों की भिन्नता होती है। इसके चलते राजनीतिक दल अपने विचारों से लोगों को प्रभावित कर अपने पक्ष में जनसमर्थन जुटाते हैं। जिस राजनीतिक दल को बहुमत मिलता है, वही देश के संविधान के अनुरूप सरकार चलाता है।
कहा कि जिस कल्पना के साथ हमारे संविधान की संरचना की गई है। अगर उस पर कोई आंच आने का खतरा या डर सताने लगे तो यह अति दुखदायी है। लोकतंत्र में सरकारें आती हैं जाती हैं। अगर कोई यह कहे कि उनके सत्ता में आने के बाद ही देश का विकास या देश में सृष्टि का उदय हुआ है तो वह उनका सत्ता का अहंकार बोलता है।