सबसे ज्यादा मतदाता कांगड़ा सीट पर 14 लाख 27 हजार 338 और सबसे कम मतदाता 12 लाख 59 हजार 85 शिमला में हैं। हमीरपुर में 13 लाख 62 हजार 269 और मंडी में 12 लाख 81 हजार 462 मतदाता वोट डालेंगे।
82,500 पुरुष और 69,880 महिला और 10 तृतीय लिंग समेत कुल 1 लाख 52 हजार 390 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। 30 वर्ष से कम उम्र के 12.4 लाख मतदाता हैं। 7730 पीठासीन अधिकारी और 23190 मतदान अधिकारी नियुक्त हैं। तीन बार ट्रेनिंग के बाद 17 मई को सभी मतदान केंद्रों को रवाना होंगे।
प्रदेश में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 47 कंपनियां तैनात होंगी। 373 अति संवेदनशील और 946 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर ज्यादा सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। सामान्य मतदान केंद्रों में एक आरक्षी और एक होमगार्ड होगा। प्रदेश पुलिस की कई कंपनियों के दूसरे राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर जाने पर आयोग से 3500 सुरक्षा कर्मी मुहैया कराने की मांग की गई थी।
गुजरात से आएंगी 2200 ईवीएम
पहली बार मंडी सीट पर दो बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी। गुजरात से 2200 अतिरिक्त ईवीएम मंगाई जाएंगी। इसके लिए हिमाचल से पुलिस और आयोग के अधिकारी गुजरात रवाना हो गए हैं। 25 प्रतिशत रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट सभी जिला मुख्यालयों तक पहुंचा दी हैं।
प्रदेश में 999 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी आयु 100 वर्ष से ज्यादा है। मंडी, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा है। हमीरपुर में यह संख्या 1000 पुरुष के मुकाबले 1042 है, लाहौल-स्पीति और मंडी में 1009 है। हर मतदाता को फोटो वोटर स्लिप व वोटर गाइड घर पर मिलेगी। बल्क रिमाइंडर एसएमएस भी कराए जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी एप से बुक करवाएं व्हील चेयर
दिव्यांग मतदाताओं को खास सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आयोग ने हर दिव्यांग की मैपिंग का प्रयास किया है। इसके तहत दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 18 हजार से बढ़कर 37 हजार 852 हो गई। दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों की सहायता को हर मतदान केंद्र पर दो स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। दिव्यांग आयोग के पीडब्ल्यूडी एप के जरिये व्हील चेयर बुक करा सकेंगे। महिलाओं की सुविधा को शिशु सदन बनाने का प्रयास है। दस मतदान केंद्रों को भी दिव्यांग संचालित करेंगे।