कैलेंडर और पोस्टर मामले में धर्मशाला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक और केस में कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पपरोला में जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को रंगा और बिल्ला कहने के आरोप में काजल पर चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई कर सकता है।
मामले की जांच के बाद चुनाव आयोग की रिपोर्ट में मोदी और शाह को रंगा बिल्ला कहने के आरोप साबित हो गए हैं। भाजपा की शिकायत के बाद जिला निर्वाचन टीम ने मामले की जांच की थी। इससे पहले एक जांच रिपोर्ट शिमला भेजी जा चुकी थी। चुनाव आयोग ने इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी से और तथ्य मांगे थे।
जिला निर्वाचन टीम ने रंगा बिल्ला शब्दों की रिकार्डिंग शुक्रवार को एक सीडी के माध्यम से शिमला भेज दी है। इस सीडी में साबित हो रहा है कि पवन काजल ने मोदी-शाह को रंगा-बिल्ला कहा है। पवन काजल ने मोदी-शाह पर रंगा-बिल्ला की टिप्पणी 2 मई को पपरोला में हुई जनसभा के दौरान की थी। एडीएम कांगड़ा मस्तराम भारद्वाज ने कहा कि रंगा-बिल्ला टिप्पणी मामले की जांच रिपोर्ट शिमला भेज दी है।