सांसद रामस्वरूप शर्मा का गोद लिया मनाली गांव
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सांसद का गोद लिया मनाली गांव पांच साल बाद भी वैसा ही है, जैसे वह 2014 से पहले था। सांसद रामस्वरूप शर्मा इस गांव को आदर्श बनाने के लिए 2014 में गोद लिया है। सांसद पांच साल में डीपीआर के फेर में फंसे रहे। गांव को सोलर लाइट से रोशन जरूर किया है, परंतु यह मूलभूत सुविधाओं से अभी भी कोसों दूर है।
गांव में न सीवरेज सुविधा, न बेहतर सड़कें और न ही पीने के लिए पानी है। स्वास्थ्य सुविधा भी शून्य होने के साथ यहां हाई स्कूल भी नहीं है। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांव के चयन से लोगों को उम्मीद बंधी थी कि उनके अच्छे दिन आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सुविधाएं जुटाने को कई विभागों ने खाका बनाया, विलेज डेवलपमेंट प्लान के तहत उपग्राम सभाएं हुईं।
ग्रामीणों ने सुझाव दिए और आवश्यकताएं भी बताई हैं। मनाली पंचायत के पूर्व प्रधान हुकम राम ने बताया कि गांव के विकास को करीब 100 कार्यों की डीपीआर तैयार की है। पंचायत प्रधान मोनिका भारती ने कहा कि मनाली गांव का विकास ठंडे बस्ते में है। गांव के विकास के लिए न तो बजट का प्रावधान हुआ है और न ही काम हो सके।