उधर, कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल के लोकसभा चुनाव लड़ने के चलते कांगड़ा में भी सेकेंड लाइन लीडरशिप की महत्वाकांक्षाएं हिलोरें मार रही हैं। जीएस बाली के पुत्र रघुवीर बाली, डा. राजेश शर्मा, सुरेंद्र काकू सहित अन्य नेता लोकसभा के साथ उपचुनाव की तैयारियों में भी जोरशोर से लग गए हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान काजल के विरोधी रहे कुछ नेता अब कांग्रेस प्रत्याशी को माथे पर जीत का टीका लगाकर दिल्ली भेजना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा भी उपचुनाव की उम्मीदें पाले हुए हैं।
वहीं, नूरपुर से विधायक राकेश पठानिया भी कपूर की जीत के अक्स में अपने लिए मंत्री की कुर्सी देख रहे हैं। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के एक युवा नेता के परिजनों ने तो अपने बेटे को विधायक बनाने के लिए लॉबिंग छेड़ रखी है।
होटल में परिजन रोज समर्थकों को ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर करवा रहे हैं। कुछ नेताओं को यह भी चिंता सता रही है कि कपूर की जीत के बाद टिकट उनके बेटे को न मिल जाए।