दादा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के साथ हाल ही में कांग्रेस में लौटे आश्रय शर्मा जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा के बेटे हैं। आश्रय को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र मंडी से पार्टी प्रत्याशी बनाया है।
इसके चलते मंत्री अनिल ने मंडी में न भाजपा और न ही बेटे के लिए प्रचार करने का एलान किया है। अब भाजपा की ओर से उन पर पार्टी के लिए प्रचार करने या मंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन अनिल इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि मुख्यमंत्री चाहें तो इस्तीफा ले लें, वह खुद पद नहीं छोड़ेंगे।
जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा का कहना है कि यह पोस्टर किसने जारी किया, उन्हें मालूम नहीं है। यदि भाजपा ने ऐसा किया है तो वे बेहद घटिया राजनीति पर उतर आए हैं, क्योंकि मैंने खुद कहा था कि बेटे के विरोध में प्रचार नहीं करूंगा।
मंत्री का झुनझुना पकड़ाकर न तो भाजपा मेरी और न मेरे परिवार की भावना से खेल सकती है। खेद है कि प्रचार के लिए भाजपा ऐसे हथकंडे अपना रही है।
सीएम बोलें तो मैं अभी मंत्री पद से त्याग दे दूंगा, लेकिन विधायक हूं और बना रहूंगा, क्योंकि मैं जनता द्वारा चुन कर आया हूं, लेकिन इस्तीफा मांगने के लिए इतनी घटिया राजनीति भाजपा न करे। अगर भाजपा ने यह पोस्टर जारी नहीं किया है तो भाजपा इसका खंडन करे। साथ सरकार इसकी जांच करे।
प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि जब तक नामांकन नहीं हो जाते, पार्टी ऐसे पोस्टर जारी नहीं करती। यह पोस्टर भाजपा की ओर से जारी नहीं हुआ है। अब तक पीएम मोदी और जयराम सरकार की सरकार उपलब्धियों के पोस्टर छाप रहे हैं।
अगर भाजपा पोस्टर छापेगी तो इसे खुद सार्वजनिक करेगी। साथ ही पोस्टर में प्रेस का नाम होगा, जारीकर्ता का नाम होगा। यह किसी की शरारत हो सकती है।
अनिल शर्मा शिकायत पत्र दें, इसकी जांच होगी। अगर किसी ने ऐसा किया है तो गलत है। मंत्री पद पर बने रहना या न रहना अनिल के विवेक पर निर्भर है।