प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि सत्ती की अभद्र भाषा पर लानत है। उन्होंने सीएम जयराम को चेताया कि वह इस भूल में न रहें कि वह मंडी के सीएम हैं। पाटिल ने कहा कि आप तो बस एक बार सीएम बने हैं, हमारे पास तो ऐसे अनुभवी नेता हैं जो छह बार हिमाचल के सीएम बने हैं।
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने सिर्फ यह कहकर अपना संबोधन समाप्त कर दिया कि उनसे पहले सभी वक्ताओं ने सब कुछ कह दिया है। अब उसे दोहराने से कोई फायदा नहीं, लेकिन समझदार के लिए इशारा ही काफी होता है। आश्रय के इस शक्ति प्रदर्शन में उनके पिता अनिल शर्मा शामिल नहीं हुए।
अनिल ने भले ही मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन वह अब भी भाजपा के विधायक हैं। आनंद शर्मा, रजनी पाटिल और आश्रय के छोटे भाई बॉलीवुड अभिनेता आयुश शर्मा, कांग्रेस के कई पूर्व मंत्री, विधायक और पदाधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे।
राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि जनता से वायदा खिलाफी पर पीएम मोदी को लोगों से वोट नहीं बल्कि माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ मोदी सरकार के साक्षात्कार पर तंज कसा कहा कि इस इंटरव्यू से अक्षय को भी पता चल गया होगा कि मोदी तो उनसे भी बड़े एक्टर हैं। उन्होंने सत्ती और सीएम जयराम को कहा कि शायद उन्हें संस्कार ही ऐसे मिले होंगे, तभी वह कांग्रेस के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
आप मंडी के सीएम तो मैं बेटा : आश्रय
कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आगे वह बहुत छोटे हैं। लेकिन इस बात का वह ध्यान रखें कि अगर वह मंडी के सीएम हैं, तो मैं भी मंडी का बेटा हूं। मेरे साथ मेरे दादा और पूर्व सीएम वीरभद्र सहित मंडी की जनता का पूरा आशीर्वाद है। उन्होंने सांसद रामस्वरूप को ऐसा सांसद बताया जिन्हें पता ही नहीं कि कौन सा कार्य संभव है और कौन सा नहीं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने चुनाव आयोग से चुनाव समाप्ति तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है। राठौर ने कहा कि सत्ती भड़काऊ और अभद्र बयान देकर प्रदेश के शांतिप्रिय माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
सत्ती जिस तरह से बयान दे रहे हैं उससे स्पष्ट है कि वह सत्ता के नशे में चूर हैं। राठौर ने कहा कि सत्ती ने पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। उसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर टिप्पणी की।
राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी पर निर्वाचन आयोग ने 48 घंटे प्रचार करने का बैन लगाया था। प्रियंका गांधी पर की गई टिप्पणी पर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सत्ती की जुबां पर कोई नियंत्रण नहीं रहा है।
मंडी में इस्तेमाल की गई भाषा अमर्यादित थी। राठौर ने सत्ती को हद में रहने की सलाह देते हुए कहा है कि वे धमकाने की नीति छोड़ दें। प्रदेश की संस्कृति में ऐसे बयानों के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा है कि इन दिनों प्रदेश में भाजपा के प्रति जो माहौल बना है, उससे सत्ती बौखलाए हुए हैं। इसी कारण अनाप शनाप बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मंडी में सतपाल सत्ती द्वारा दिया गया बयान उनकी हताशा, निराशा और बौखलाहट को दर्शाता है।