फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर
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फोरलेन का काम करने के लिए हायर की गईं कई कंपनियां आधा अधूरा काम छोड़कर भाग निकली हैं। कई ठेकेदारों की पेमेंट कंपनियों के पास फंस गई हैं। इससे ठेकेदार कर्जदार हो गए हैं।
कोर्ट के चक्कर लगा रहे कर्मचारी
कंपनियों के भाग जाने के बाद जहां ठेकेदार बैंकों के कर्जदार हो गए हैं, वहीं इन ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कई लोग भी अब पैसों के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए हैं।
चार गुना मुआवजा बस छलावा : खुशाल ठाकुर
फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सरकारों के रवैये को लापरवाही भरा बताया। कहा कि फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजे के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैैं। यह आश्वासन अब एक छलावा बनकर रह गए हैं।
सांसद जिम्मेदार : कौल सिंह
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर ने फोरलेन के आधे अधूरे काम और इसकी दयनीय हालत के लिए सांसद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र के समक्ष क्षेत्र के मुद्दों को सही ढंग से रखने में नाकाम साबित हुए हैं। इसका खामियाजा अब क्षेत्र की जनता भुगत रही है।
यूपीए सरकार ने गलत कंपनियों को दिया था काम : रामस्वरूप
भाजपा प्रत्याशी एवं सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि यूपीए की सरकार ने उस समय गलत कंपनियों को फोरलेन का काम दे दिया था। ये कंपनियां आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थीं, इसलिए आधा अधूरा काम छोड़कर भाग गईं। चुनावों के बाद इस काम को तुरंत पूरा करवाएंगे।