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चुनावी मुद्दा: जमीन उजड़ी, घर भी ढहा दिए पर अभी तक नहीं बना कीरतपुर-मनाली फोरलेन

Sun, 21 Apr 2019 12:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
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सांकेतिक तस्वीर
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कीरतपुर-मनाली फोरलेन अभी तक नहीं बन पाया है। इसके लिए लोगों की जमीन उजड़ी, घर भी ढहाए गए लेकिन अभी तक फोरलेन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा देने का कांग्रेस-भाजपा ने वादा किया था, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने सकारात्मक कार्रवाई नहीं की। चार गुना मुआवजा प्रभावितों के लिए सपना बनकर रह गया है। 

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अब आधा अधूरा फोरलेन हर किसी के लिए मुसीबत बन गया है। प्रभावितों की जमीनें और घर दोनों उजड़ गए हैं। प्रभावित पिछले कई सालों से अपने हकों के लिए सरकारों से फरियाद करते रहे हैं, लेकिन आज तक इनको आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला।

अब तक कीरतपुर-नागचला के बीच 352 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है। इसमें निजी भूमि 250 हेक्टेयर से अधिक है। ऐसे में किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने से उनमें राजनीतिक दलों के प्रति भारी रोष है। प्रभावितों को भूमि अधिग्रहण के बाद दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से भी महरूम रहना पड़ रहा है।
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फोरलेन का काम डेढ़ साल से बंद
आईएलएंडएफएस कंपनी ने 2012 में कीरतपुर-नागचला फोरलेन का काम संभाला था। केंद्र सरकार ने इस काम को पूरा करने के लिए कंपनी को 2016 तक का समय दिया था। बाद में अवधि बढ़ाकर इसे पूरा करने का लक्ष्य 2018 किया गया, लेकिन अब कंपनी डेढ़ साल पहले आधा अधूरा काम छोड़कर भाग गई है और काम बंद पड़ा है। उधर, नागचला-मनाली फोरलेन पर भी काम कछुआ चाल से चल रहा है।

आधे-अधूरे काम से सफर जोखिम भरा
फोरलेन का काम पूरा नहीं होने के कारण मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। कई स्थानों पर पहाड़ों की कटिंग से निकलने वाला मलबा और भारी चट्टानें गिर रही है। इससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। हर समय मलबा और पत्थर गिरने का डर रहता है। अब तक यह निर्माणाधीन मार्ग कई लोगों की जिंदगी ले चुका है।

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पैसों का भुगतान नहीं होने से ठेकेदार परेशान

फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर - फोटो : फाइल फोटो
फोरलेन का काम करने के लिए हायर की गईं कई कंपनियां आधा अधूरा काम छोड़कर भाग निकली हैं। कई ठेकेदारों की पेमेंट कंपनियों के पास फंस गई हैं। इससे ठेकेदार कर्जदार हो गए हैं। 

कोर्ट के चक्कर लगा रहे कर्मचारी
कंपनियों के भाग जाने के बाद जहां ठेकेदार बैंकों के कर्जदार हो गए हैं, वहीं इन ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कई लोग भी अब पैसों के लिए कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए हैं। 

चार गुना मुआवजा बस छलावा : खुशाल ठाकुर
फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सरकारों के रवैये को लापरवाही भरा बताया। कहा कि फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजे के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैैं। यह आश्वासन अब एक छलावा बनकर रह गए हैं।

सांसद जिम्मेदार : कौल सिंह
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर ने फोरलेन के आधे अधूरे काम और इसकी दयनीय हालत के लिए सांसद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र के समक्ष क्षेत्र के मुद्दों को सही ढंग से रखने में नाकाम साबित हुए हैं। इसका खामियाजा अब क्षेत्र की जनता भुगत रही है।

यूपीए सरकार ने गलत कंपनियों को दिया था काम : रामस्वरूप
भाजपा प्रत्याशी एवं सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि यूपीए की सरकार ने उस समय गलत कंपनियों को फोरलेन का काम दे दिया था। ये कंपनियां आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थीं, इसलिए आधा अधूरा काम छोड़कर भाग गईं। चुनावों के बाद इस काम को तुरंत पूरा करवाएंगे।
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