हिमाचल में 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के दिन पंचायत जलरक्षक और स्कूलों के वाटर गार्ड पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं को पानी पिलाएंगे। चुनाव आयोग की ओर से यह व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को वोट डालने के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
वे सीधे पोलिंग बूथ में जाकर वोट डाल सकेंगे। हिमाचल में वोट प्रतिशतता बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। आयोग का मानना है कि यह लोग लाइन में खड़ा होने का झंझट समझते थे, इसलिए विशेष व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने यह भी व्यवस्था की है कि इस बार धूप में लोगों की कतारें नहीं लगेंगी।
अगर वोट डालने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है तो उनको धूप के बजाय बरामदे में लाइनें लगाई जाएंगी। जहां बरामदा नहीं होगा वहां तिरपाल आदि की भी व्यवस्था की जा सकती है। वोट डालने आए बुजुर्ग चाहें तो आराम भी कर सकते हैं। इसके लिए अलग से बुजुर्गों के बैठने की व्यवस्था होगी।
बच्चों को दूध पिलाने वाली माताएं भी सीधे वोट डालेंगी
बच्चों को दूध पिलाने वाली माताएं भी लाइन में खड़ी नहीं रहेंगी। वे भी सीधे पोलिंग बूथ में जाकर वोट कास्ट करेंगी। साथ लगते आंगनबाड़ी केंद्र में क्रैच की व्यवस्था होगी। माताएं अपने बच्चे को वहां रख सकेंगी। वोट देने के बाद माताएं अपने बच्चे को ले जा सकेंगी। आंगनबाड़ी की सहायिका इन बच्चों की देखरेख करेंगी।
लोकसभा चुनाव में व्यवस्था बदली है। वोट डालने में किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखा जा रहा है।
- देवेश कुमार, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश