भाजपा कांग्रेस
किशन कपूर पवन काजल
कुल उम्मीदवार : 11
कांगड़ा में शांता कुमार की प्रतिष्ठा का मामला
कांगड़ा सीट पर जयराम सरकार के मंत्री किशन कपूर और कांग्रेस के विधायक पवन काजल के बीच मुकाबला है। सांसद शांता कुमार का टिकट कटने के बाद भाजपा ने इस सीट से उन्हीं के करीबी किशन कपूर को उम्मीदवार बनाया है। धर्मशाला से भाजपा विधायक और खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर गद्दी जनजाति से संबंध रखते हैं। कपूर के खिलाफ कांग्रेस ने कांगड़ा से मौजूदा विधायक पवन काजल को उम्मीदवार बनाया है। पवन काजल पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी हैं और वह ओबीसी वर्ग से हैं। कपूर और काजल में यहां सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
भाजपा कांग्रेस माकपा
रामस्वरूप शर्मा आश्रय शर्मा दलीप कायथ
कुल उम्मीदवार : 17
मंडी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की प्रतिष्ठा दांव पर
मंडी लोकसभा सीट से भाजपा के सिटिंग सांसद रामस्वरूप शर्मा के खिलाफ कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र से संबंधित सीट है, इसलिए उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ी है। इस तरह इस सीट पर सिटिंग भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा से आश्रय शर्मा का मुकाबला है। सीपीआईएम ने दलीप कायथ को उतारकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों को चुनौती दी है।
भाजपा कांग्रेस
अनुराग ठाकुर रामलाल ठाकुर
कुल उम्मीदवार : 11
हमीरपुर में धूमल पुत्र अनुराग ठाकुर को अपना परचम बुलंद रखने की चुनौती
हमीरपुर सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस मेें ही सीधा मुकाबला है। लोकसभा में मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर भाजपा के चौथी बार प्रत्याशी हैं, जबकि पूर्व में तीन बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर हार का सामना कर चुके रामलाल ठाकुर चौथी बाद कांग्रेस उम्मीदवार हैं। रामलाल बिलासपुर जिले के नयनादेवी से कांग्रेस विधायक भी हैं। अनुराग ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के पुत्र हैं, जबकि रामलाल ठाकुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बिलासपुर जिले से हैं। रामलाल ठाकुर धूमल के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं।
भाजपा कांग्रेस
सुरेश कश्यप धनीराम शांडिल
कुल उम्मीदवार : 6
शिमला में दो पूर्व सैनिक विधायकों में घमासान
शिमला लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने दो पूर्व सैनिकों और विधायकों को प्रत्याशी बनाया है। यहां कांग्रेस के विधायक धनीराम शांडिल और सुरेश कश्यप आमने-सामने हैं। धनीराम शांडिल पूर्व वीरभद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह दो बार सांसद भी रह चुके हैं। शांडिल का राजनीति में पदार्पण पंडित सुखराम की पिछली पार्टी हिमाचल विकास कांग्रेस से ही हुआ था। बाद में कांग्रेस से सांसद रहने के अलावा शांडिल कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रहे। सेना से सेवानिवृत्त कर्नल धनीराम शांडिल सोलन हलके से कांग्रेस के विधायक हैं। दूसरी ओर भाजपा ने सिरमौर के पच्छाद हलके से दूसरी बार के विधायक सुरेश कश्यप को प्रत्याशी बनाकर दांव खेला है। सुरेश कश्यप वायु सेना में सेवाएं दे चुके हैं।