इसके अलावा अन्य दूरदराज मतदान केंद्रों को लेकर भी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह लगातार उन केंद्रों पर नजर रखें। इस बात को हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा कि किसी भी मतदाता को वोट देने के लिए मतदान केंद्र पहुंचने में सड़क बाधा न पहुंचा सके।
रेस्ट हाउस को लेकर विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ जेड या उससे ज्यादा श्रेणी की सुरक्षा वाले नेताओं को ही रेस्ट हाउसों का प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा अन्य नेताओं को अपने स्तर पर निजी भवनों का प्रयोग करना होगा। दरअसल, हिमाचल में नेताओं ने दलील दी है कि प्रदेश में कई स्थानों पर एक भी निजी होटल या धर्मशाला नहीं है, सिर्फ सरकारी रेस्ट हाउस ही मौजूद हैं।
ऐसे में हिमाचल में नेताओं को रेस्ट हाउस का प्रयोग करने की मंजूरी दी जाए। लेकिन अब आयोग के निर्देश के बाद नेताओं को ठहरने की निजी व्यवस्था ही करनी होगी।