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हिमाचल के कई बड़े अधिकारियों पर कस सकता है चुनाव आयोग का शिकंजा

Sat, 20 Apr 2019 11:42 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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भारत निर्वाचन आयोग
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चुनावी तैयारी के दौरान तबादलों को लेकर हुई बड़ी चूक अब शासन में बैठे कई आला अधिकारियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। चुनाव आयोग ने प्रदेश के अधिकारियों की इस चूक को न सिर्फ पकड़ा है बल्कि वह अधिकारियों पर कार्रवाई पर भी विचार कर रहा है।

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चुनाव आयोग ने प्रदेश सरकार को उन सभी अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए थे, जिनका चुनावों में सीधा दायित्व होता है और जिन्हें एक ही जिले या स्थान पर तीन या उससे ज्यादा साल से ज्यादा का समय हो चुका है। 

सभी विभागों की ही तरह राजस्व विभाग ने भी चुनावी प्रक्रिया में सीधी जिम्मेदारी संभालने वाले नायब तहसीलदारों के तबादले के संबंध में चुनाव आयोग को प्रमाणपत्र देकर कह दिया कि आयोग के निर्देशों के मुताबिक सभी अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं।
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इसके बाद फिर से सरकार की ओर से 27 नायब तहसीलदारों के तबादला करवाने की अनुमति मुख्य  निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय भेज दी। इसमें से 20 अधिकारियों के तबादलों की अनुमति मिल गई लेकिन सात अधिकारियों के तबादलों की मंजूरी पर केंद्रीय चुनाव आयोग की त्योरियां चढ़ गई हैं।

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 दरअसल, ये सातों अधिकारी अन्य तहसीलों में तहसीलदारों की ही तर्ज पर उपतहसीलों में बतौर सहायक चुनाव अधिकारी का काम देख रहे थे। खास बात यह है कि ये अधिकारी लंबे समय से अपने गृह जिले या एक ही स्थान पर तैनात हैं। ऐसे में आयोग के आदेशों की अवहेलना की बात सामने आ रही है।

यही वजह है कि एक सप्ताह से इनके तबादलों की मंजूरी नहीं आ सकी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग इस बात से बेहद नाराज है कि अगर पहले सभी के तबादले नहीं किए थे तो आयोग को सरकार की ओर से प्रमाण पत्र क्यों भेजे गए? अब आयोग ने अगर इस मामले में कार्रवाई की तो इसकी गाज मंडल से लेकर शासन तक के अधिकारियों पर गिर सकती है।
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