जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति में वोटरों को कसमें खिलाकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के मामले में चुनाव आयोग ने मंत्री रामलाल मारकंडा को क्लीन चिट दे दी है। इस बारे में शिकायत करने वाले लाहौल-स्पीति के कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर अपनी बात पर अड़े हुए हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने आयोग को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि मंत्री मालाएं फेरकर स्थानीय लोगों को भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस पर आयोग ने जांच बैठा दी थी।
अब जांच कमेटी की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि गवाह इस मामले में अपना पक्ष रखने को आगे नहीं आए हैं। जो भी गवाह रवि ठाकुर की ओर से सुझाए गए, उन्होंने ऐसी कोई गवाही नहीं दी।
इसके अलावा बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट फंड को डायवर्ट करने और अन्य मामलों में भी जांच कमेटी ने मारकंडा पर लगाए गए आरोपों को निराधार पाया है।उधर, पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने बुधवार को बताया कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए जांच कमेटी ने नहीं बुलाया है। वह राज्य चुनाव अधिकारी के सामने सबूत के साथ अपना पक्ष रखने को तैयार हैं। राज्य निर्वाचन अधिकारी उन्हें फोन पर शिमला बुला सकते हैं।