मीडिया में खबरें प्रकाशित होने, सोशल मीडिया में इससे संबंधित वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद इसकी जानकारी मुख्य निर्वाचन दफ्तर को मिली। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी कांगड़ा ने मौके पर तैनात डीएसपी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में डीएसपी ने मामले में पूरा ठीकरा डीसी और एसडीएम पर ही फोड़ दिया। बयान में डीएसपी ने कहा है कि जब डीईओ ही ओवरऑल इंचार्ज होता है और उनके निर्देश पर एसडीएम खुद नेताओं को अंदर ले जा रहे थे तो उनके रोकने का सवाल ही नहीं उठता।
इस बीच भाजपा ने भी डीसी कांगड़ा को हटाने के लिए चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है। इस सारी कवायद के बीच मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने मंडलायुक्त कांगड़ा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।