हमीरपुर सीट से बड़े नेता लोकसभा चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। मंडी से भी कांग्रेस का कोई दिग्गज नेता चुनाव लड़ने को आगे नहीं आया है। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस को सबसे ज्यादा कसरत करनी पड़ रही है। चंडीगढ़ में भी पिछले दिनों प्रभारी रजनी पाटिल ने कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्रों के बड़े नेताओं का मन टटोलने के लिए बुलाया था।
इस दौरान भी कोई बड़ा नेता चुनाव लड़ने को हामी नहीं भर पाया। इतना जरूर है कि कुछ नेता दोनों सीटों से दूसरे नेताओं को दमदार बताकर चुनावी दंगल में झोंकने की बात जरूर कह चुके हैं। दूसरे नेता को उतारने के लिए ब्राह्मण, राजपूत और गद्दी नेताओं के वोट बैंक का हवाला तक दिया गया।
मंडी और कांगड़ा संसदीय सीट से भी कोई कद्दावर नेता चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हो रहा। शिमला संसदीय सीट से कर्नल धनी राम शांडिल ने चुनाव लड़ने के लिए दम भरा है परंतु उनके खिलाफ पार्टी के नेता ही मोर्चा खोलकर उनका रास्ता रोकने का प्रयास कर रहे हैं।