आश्रय शर्मा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि अनिल शर्मा मेरे पिता हैं। उनका आशीर्वाद मेरे सिर पर है। पापा मेरे हैं तो मेरे ही रहेंगे भाजपा के तो बनेंगे नहीं। दो पुराने धुरंधर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पूर्व संचार मंत्री प. सुखराम एक हो चुके हैं।
इनकी जुगलबंदी से मंडी सहित प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगी और भाजपा को करारा जवाब देगी। उनका मुकाबला मुख्यमंत्री जयराम से नहीं बल्कि भाजपा के झूठे वायदों, जुमलेबाजी और वादाखिलाफी से है।
पूर्व संचार मंत्री पंडित सुखराम शर्मा का कहना है कि उनके पौत्र आश्रय शर्मा को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पूरा आशीर्वाद है। उनका बेटा एवं शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रमादित्य सिंह भी आश्रय शर्मा के चुनाव प्रचार के लिए मंडी संसदीय क्षेत्र में आएंगे।
हिमाचल की जनता भाजपा की नीतियों से तंग आ चुकी है। जनता ने इस बार केंद्र में कांग्रेस सरकार बनाने का मन बना लिया है। हिमाचल की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करेगी।