अनुराग ठाकुर का रोड शो
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जयराम ने कहा कि 26/11 को मुंबई हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाक के प्रधानमंत्री को निंदा पत्र लिखते रहे। पाकिस्तान हर बार की तरह झूठ कहता रहा कि इस हमले से उनका कोई संबंध नहीं।
जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता की कमान संभाली है, तब से जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सीआरपीएफ हमले और पुलवामा हमले सबका जवाब पीओके में घुसकर दिया। मोदी ने पाकिस्तान को एक भी पत्र नहीं लिखा।
आज देश को मोदी के रूप में मजबूत नेतृत्व मिला है। कांग्रेसी कहते हैं कि मुख्यमंत्री मंडी से बाहर नहीं निकलते, लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद हमीरपुर में यह उनकी 35वीं जनसभा है।
हमीरपुर के गांधी चौक पर हजारों की संख्या में भीड़ ने साबित कर दिया है कि अनुराग ठाकुर का नोमिनेशन जोश और जुनून से भरा था। भीड़ को देख नामांकन के साथ ही अनुराग ठाकुर की जीत घोषित करने का मन हो रहा है।
कांगड़ा से भाजपा प्रत्याशी किशन कपूर के नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद दाड़ी मैदान में जयराम ठाकुर, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल की तिकड़ी ने शक्ति प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में पंडित सुखराम और कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय के मंच पर रोने की बात पर चुटकी ली। कहा कि मंच पर कुछ लोग भावुक हो गए और वीरभद्र सिंह ने आया राम गया राम के अलावा कुछ बोला नहीं।
वीरभद्र ने तो अपने ही नेता पर भी तंज कसकर कहा कि राठौर के आने के पार्टी में गंदगी की सफाई हो गई। इससे इतर भाजपा का नेतृत्व एकजुट है। कांग्रेस कह रही है डेढ़ साल में मैंने कुछ नहीं किया।
अगर कुछ नहीं किया तो मुझसे वह परेशान क्यों हैं। मुकेश अग्निहोत्री अगर खुद को मजबूत नेता मानते हैं तो उन्होंने चुनाव मैदान से भागकर रामलाल को धक्का क्यों मारा?
जयराम ने मंच से कथित गाली देने वाले बयान को लेकर सतपाल सत्ती का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री राहुल गांधी पर अभद्र भाषा बोल सकते हैं तो हमारे कार्यकर्ता का सब्र भी टूट सकता है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माई के लाल हैं। कांग्रेस ने इतने दशकों तक जनता को एक एनासिन की गोली तक मुफ्त में नहीं दी, जबकि मोदी ने गरीबों के हक में अनेकों योजनाएं चलाईं।
मोदी पीएम नहीं बनते तो देश के 9 करोड़ अभागे लोगों के शौचालय नहीं बनते। गरीबों के घर भी नहीं बनते। किसानों के खाते में 4 हजार रुपये नहीं आते।