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चुनाव में नेताजी पूछ रहे मौसम का मिजाज, इंटरनेट से जानकारी लेकर तय हो रही चुनावी रैली

Mon, 29 Apr 2019 11:41 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल में किसान-बागवान ही नहीं, इन दिनों नेताजी भी मौसम का मिजाज जानने में खूब दिलचस्पी ले रहे हैं। मौसम विभाग और इंटरनेट से जानकारी लेकर ही राजनीतिक दल चुनावी रैलियां तय कर रहे हैं। स्टार प्रचारकों की बड़ी रैलियों के लिए विशेष तौर पर मौसम वैज्ञानिकों से मौसम का पूर्वानुमान जुटाया जा रहा है।

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चुनावी मौसम में इंद्रदेव के तेवर भांपने के लिए राजनीतिक दल विशेषज्ञों और तकनीक का सहारा ले रहे हैं। प्रदेश में बड़े नेताओं की रैलियां करवाने से पहले राजनीतिक दलों के रणनीतिकार मौसम विज्ञान केंद्र पहुंच रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला में रोजाना कई राजनीतिक दलों के नेता फोन से भी संपर्क साध रहे हैं।

हिमाचल में 19 मई को लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा, कांग्रेस, माकपा समेत अन्य राजनीतिक दल चुनाव प्रचार तेज करने में जुट गए हैं। 30 अप्रैल से प्रदेश में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। ऐसे में मई महीने के पहले हफ्ते में कब-कब बारिश होने की संभावना है।
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इसकी जानकारी लेने के लिए मौसम विभाग की मदद ली जा रही है। चुनाव प्रभावित न हो, इसके लिए पूर्वानुमान का ब्यौरा जुटाना राजनीतिक दलों के लिए मजबूरी बन गया है। देश के अन्य हिस्सों में चुनाव प्रचार समाप्त होने वाला है।

ऐसे में मई के पहले हफ्ते में हिमाचल की राजनीति गरमाना शुरू होगी। इसको देखते हुए राजनीतिक दल मौसम की बेरुखी को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। बड़े नेताओं की रैलियां बारिश में न धूल जाएं, इसको देखते हुए राजनीतिक दल मौसम के पूर्वानुमान को भांप रहे हैं।

बड़े नेताओं की चुनावी रैलियों की तारीखें तय करने से पहले राजनीतिक दलों के नेता मौसम के पूर्वानुमान को लेकर अपडेट ले रहे हैं। मई महीने के दूसरे हफ्ते तक का मौसम पूर्वानुमान पूछा जा रहा है। - डॉ. मनमोहन सिंह, निदेशक मौसम विज्ञान केंद्र शिमला

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