देश में आपातकाल हटने के बाद हुए लोकसभा चुनाव में हिमाचल की चारों संसदीय सीटों पर चौधरी चरण सिंह की पार्टी भारतीय लोक दल के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।
सूबे की चारों सीटों पर जनता दल सहित अन्य छोटे दलों ने कांग्रेस के खिलाफ भारतीय लोक दल के चुनाव निशान पर उम्मीदवार उतारे थे। इसके चलते हिमाचल की चारों सीटों पर भारतीय लोक दल का परचम लहराया था।
मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, हमीरपुर से नारायण चंद जैसे दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए थे। हालांकि, चुनाव के बाद भारतीय लोक दल का जनता दल में विलय हो गया था, लेकिन जनता दल टूटने के बाद भारतीय जनता पार्टी के गठन होने पर चौधरी चरण सिंह ने फिर से भारतीय लोक दल को अलग कर लिया था।