मंडी लोकसभा सीट से आश्रय को कांग्रेस का टिकट मिलने को लेकर ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि दादा-पोते ने कांग्रेस में जाने का इतना बड़ा निर्णय बिना कारण तो नहीं लिया है।
मंत्री पद से इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें चुना है। अगर भाजपा इस्तीफा मांगेगी तो दे दूंगा लेकिन सदस्यता नहीं छोडू़ंगा। उन्होंने कहा कि वह नि:स्वार्थ भाव से सरकार के बचे हुए कार्यकाल में जनता की सेवा करते रहेंगे।
गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री के पिता और बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा बनी हुई है। खासकर अनिल शर्मा के मंत्री पद को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।