वहीं, हिमाचल में अभी वाहन पंजीकरण शुल्क नहीं बढ़ेगा। कोरोना से निपटने के बाद सरकार इस मामले में उचित फैसला लेगी। हिमाचल कैबिनेट सब कमेटी ने इस मामले पर चर्चा की थी। इसके बाद इस मामले को कैबिनेट की बैठक में ले जाया गया। हिमाचल में अभी ढाई फीसदी वाहन पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। अन्य राज्यों में यह शुल्क सात से लेकर आठ फीसदी है।
हिमाचल में शुल्क कम होने से बाहरी राज्यों के लोग हिमाचल में वाहन पंजीकरण करते हैं। इसके बाद अपने राज्यों में जाकर नंबर बदलते हैं। परिवहन विभाग ने हिमाचल में भी इस शुल्क को बाहरी राज्यों की तर्ज पर करने का फैसला लिया था। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि वाहन पंजीकरण शुल्क पर अभी फैसला नहीं लिया जाना है। कोरोना से निपटने के बाद इस पर उचित फैसला लिया जाएगा।