स्कूलों में एक साल के लिए तय शैक्षणिक दिवस पूरे करने के लिए इन दो सप्ताह की छुट्टियों सहित बीते दिनों की छुट्टियां कैसे समाहित होंगी, इस पर भी मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जून-जुलाई और शीतकालीन स्कूलों में अगस्त की छुट्टियां कम की जाएंगी।
हर माह के दूसरे शनिवार को होने वाली छुट्टी भी बंद हो सकती है। दीवाली के दौरान वाली छुट्टियां भी कुछ कम हो सकती हैं। स्कूलों में एक साल के दौरान सामान्य छुट्टियों को छोड़कर 52 छुट्टियां दी जाती हैं।
हिमाचल में एक जून से भी सभी सरकारी स्कूलों को खोलना आसान नहीं है। कई शिक्षण संस्थानों को जिला प्रशासन ने क्वारंटीन केंद्र बनाया है। आज के बाद बाहरी राज्यों से अभी आने वाले लोगों को स्कूलों में अगर क्वारंटीन किया जाता है तो इस अवधि को पूरा करने में 14 दिन लगेंगे।
इसके बाद स्कूलों को सैनिटाइज करके सुरक्षित करने में भी समय लगेगा। इस स्थिति में जून के पहले सप्ताह में भी ऐसे स्कूल खोलना आसान नहीं रहेगा। इसको लेकर प्रदेश सरकार को अभी से विचार कर क्वारंटीन केंद्रों के लिए अन्य व्यवस्था करने की जरूरत है।
प्रदेश में स्कूलों को खोलने को लेकर हालांकि फैसला हालात सामान्य होने के बाद ही लिया जाना है। स्थिति पर नजर रखने के लिए ही प्रदेश सरकार ने स्कूलों में 31 मई तक छुट्टियां घोषित की है। ऐसे में सरकार के पास क्वारंटीन केंद्रों में तबदील किए गए स्कूलों को दोबारा बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त समय है।
अगर समय रहते इसको लेकर फैसला नहीं होता है तो जून में भी स्कूलों को खोलना आसान नहीं रहेगा। उधर, विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पूरी तरह से शुरू होने के बाद ही स्कूलों को खोलने पर विचार किया जाएगा। स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए भी कई योजनाएं बनाई गई हैं। इसके तहत कक्षावार एक दिन छोड़कर पढ़ाई शुरू की जा सकती है।
विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूलों में रोजाना भी बच्चों को बुलाया जा सकता है, लेकिन अधिक संख्या वाले स्कूलों में एक दिन कुछ कक्षाओं और शेष को अगले दिन बुलाने की योजना है। सुबह और शाम की शिफ्ट में भी स्कूल खोले जा सकते हैं। सरकार को इन सभी विकल्पों से संबंधित प्रस्ताव भेजा गया है। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल तय करेगा कि स्कूलों को किस तरह से खोला जाना है।