हिमाचल पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एचएचओ को निर्देश जारी किए हैं कि वे किसी भी हाल में मेडिकल इमरजेंसी वाले वाहनों को कर्फ्यू पास न होने की वजह से न रोकें। मंगवार को किन्नौर से चंडीगढ़ जाने वाले एक ऐसे ही वाहन को पुलिस ने रोक लिया था। जिसके बाद आला अधिकारियों तक बात पहुंची तो वाहन को जाने दिया गया। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कुछ शिकायतें आई थीं।
जिसके बाद मुख्यालय ने मंगलवार को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अगर इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने किन्नौर के पुलिस अधीक्षक से मरीज लेकर जा रहे निजी वाहन को न जाने देने पर रिपोर्ट तलब कर ली है। मंगलवार सुबह एक निजी वाहन से दो लोग एक मरीज को लेकर मोहाली के लिए निकले।
आरोप है कि रास्ते में उन्हें किन्नौर पुलिस के जवानों ने रोक लिया और कर्फ्यू पास न होने पर उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि शुरूआती जांच में यह बात सामने आई है कि जिस वाहन को रोके जाने की बात कही गई है उसमें ले जाए जा रहे मरीज को कुछ दिन पहले एक निजी अस्पताल से रेफर कर दिया गया था। लेकिन तीन दिन बाद मरीज को लेकर जाने की वजह से पुलिस कर्मियों ने पूछताछ की है।
हालांकि बाद में वाहन को छोड़ दिया गया। हालांकि, मरीज पक्ष का कहना था कि पुलिस के आला अधिकारियों के कहने के बाद भी उन्हें कर्फ्यू पास मिलने तक नहीं छोड़ा गया। शर्मा ने कहा कि पहले भी पुलिस कर्मियों को मेडिकल इमरजेंसी वाले वाहनों को न रोकने के लिए कहा गया है। लेकिन अगर इसके बाद भी कोई गैर जिम्मेदारी वाला रवैया अपनाया गया है तो एसपी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।