पिछले एक महीने से परेशान थे। पढ़ाई भी ठप थी। हॉस्टल में खाना भी ठीक से नहीं मिल पा रहा था। देश भर में लॉकडाउन और हिमाचल में कर्फ्यू का समाचार सुनकर उम्मीद नहीं थी कि हम घर पहुंच पाएंगे। अमर उजाला फेसबुक लाइव पर कोटा से ऊना पहुंचे विद्यार्थियों ने रुआंसे होकर आपबीती सुनाई। कांगड़ा जिले के बैजनाथ के एक छात्र ने बताया कि अंदर ठीक से खाना नहीं मिल पा रहा था।
बाहर से खाना मंगवाने पर यह चिंता सता रही थी कि न जाने किस वस्तु के साथ वायरस का संक्रमण उन तक पहुंच जाए। घर पर फोन पर बात तो हो रही थी, लेकिन परिजनों को भी लगातार उनकी चिंता सता रही थी। छात्राओं ने बताया कि उनके लिए यह ऐसा वक्त था, जिसे वे कभी नहीं भुला पाएंगी। अधिकांश छात्राएं व छात्र अपना पूरा सामान समेट कर हिमाचल लौट आए हैं।
अधिकतर ने तो अपना एडमिशन भी कोटा से हमीरपुर स्थित कोचिंग संस्थान के केंद्र में माइग्रेट करवा लिया है। छात्राओं ने अमर उजाला से कहा कि अब वे वापस कोटा नहीं जाएंगी। हालांकि, सब कुछ ठीक था, लेकिन बंद के चलते उन्हें घर की याद सता रही थी। छात्र-छात्राओं ने प्रदेश सरकार का आभार भी जताया।
खास बात यह थी कि सभी विद्यार्थियों के चेहरों पर सुकून के भाव देखे जा सकते थे। सभी ने कहा कि अब उन्हें बेशक यहां क्वारंटीन किया जाए। कम से कम अपने प्रदेश में प्रवेश तो कर गए हैं। सभी छात्राओं को होटल सुविधा में जबकि छात्रों को होटल माया में बनाए गए बफर क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।