कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी से मिलना है तो दिल्ली आओ। सोनिया से मिलने के इच्छुक प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को उनकी सुरक्षा में मुस्तैद एसपीजी और ‘दस, जनपथ’ से यही जवाब मिल रहे हैं। इससे पहले सोनिया गांधी 17 मई को शिमला आई थीं। तब वह दो दिन प्रियंका के निर्माणाधीन मकान पर गई थीं।
कुछ मंत्री, कई विधायक, पूर्व विधायक उनसे मिलने के प्रयास में बताए जा रहे थे। तब भी सोनिया किसी से नहीं मिलीं। 22 अगस्त को दूसरी बार शिमला आकर सोनिया ने यहां निर्माणाधीन घर का जायजा लिया। वह रविवार को भी साइट पर गईं। इस बीच भी वह मकान से संबंधित लोगों को छोड़कर किसी से नहीं मिली।
मां की निगरानी में बन रहा प्रियंका का घर
प्रियंका ने वर्ष 2007 में घर बनाने के लिए जमीन खरीदी थी। चार साल पहले भी इस भवन की दो मंजिलें तैयार हो चुकी थीं, मगर प्रियंका ने पसंद न आने पर गिरवा दी थीं। अब वह इसे मां सोनिया और अपनी खास निगरानी में बनवा रही हैं।
उधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का यह निजी दौरा है।
पिछली बार भी निजी दौरा था। ऐसे में उनसे मिलने का कोई मतलब ही नहीं। हो सकता है कि कुछ नेता उनसे मिलने के प्रयास में हों, पर हम उनकी निजता का ध्यान रखते हुए ऐसा कोई प्रयास नहीं कर रहे।
केवल एक स्थानीय नेता को इजाजत
सोनिया के शिमला दौरे में उनके निकट जाने की इजाजत केवल एक ही नेता को है। ये शिमला जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष केहर सिंह खाची हैं। खाची के पास प्रियंका की इस जमीन की स्पेशल पावर ऑफ अटार्नी रह चुकी है।
सोनिया गांधी रविवार को दूसरे दिन भी छराबड़ा में मकान की साइट पर गईं और उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ यहां जायजा लिया। लंच से पहले अकेली प्रियंका ही साइट पर गईं, जबकि सोनिया दोपहर बाद साइट पर गईं। दोनों सोमवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।