हिमाचल में मवेशियों की गणना शुरू हो गई है। इसे 20वें लाइवस्टॉक सेंसस के तहत किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इनकी गणना के लिए ग्रांट जारी की है। इसे इस गणना को अंजाम दे रहे गणना करने वाले स्टाफ और इनके पर्यवेक्षकों पर खर्च किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने इस गणना के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों के लिए प्रति परिवार गणना के मानदेय की दरें भी तय कर रखी है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1.25 रुपये प्रति परिवार और शहरी क्षेत्रों में 1.025 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा है।
इसी के लिए केंद्र सरकार ने 18 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों को 3.91 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की है। इस ग्रांट को जारी करने की सूचना हिमाचल सरकार के वित्त विभाग के अधिकारियों को भी दी गई है।
इसे पशुपालन, डेयरी और फिशरीज विभाग के अवर सचिव वित्त की ओर से जारी किया गया है। इसमें फील्ड स्टाफ पशुओं की गणना करेगा और इस बारे में एक डाटा बैंक भी तैयार करेगा।