जबकि सागर सैनी लेवल, पानी समेत अन्य चीजों को बनवाने और लाने का काम करता था। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सप्लाई करने वाले दो लोगों का इस पूरे कारोबार में 25 फीसदी हिस्सा था। वहीं, पुलिस पूछताछ में दूसरे आरोपी सागर सैनी ने इस पूरे मामले में उसका कोई हाथ न होने की बात अब तक कही है। सागर सैनी को कुछ दिन पहले ही हाईकोर्ट से जमानत पर सशर्त रिहा हुआ है। वह पुलिस जांच में सहयोग करेगा। आरएफएसएल धर्मशाला की लेवल व होलोग्राम, आरएफएसएल मंडी की जले हुए सामान की रिपोर्ट आना बाकी है। नकली शराब बनाने के लिए इथेनाल के कनेक्शन वेस्ट बंगाल से जुड़ रहे हैं। इस पर भी पुलिस जांच कर रही है।
यह है पूरा मामला
बीते 26 मई की रात को ऊना के बहडाला लिंक रोड पर पुलिस ने दो आरोपियों के कब्जे से 45 वीआरवी मार्का शराब की पेटी बरामद की थी। आबकारी विभाग की जांच में शराब बोतल में लगे होलोग्राम और मार्का स्टीकर नकली पाए गए। आरोपियों की निशानदेही पर मैहतपुर स्थित एक गोदाम में 375 पेटियां शराब बरामद कीं। यहीं से शराब का काला कारोबार चल रहा था। इसके बाद 30 मई को ऊना में स्प्रिट से भरे 10 ड्रम बरामद किए गए। गोदाम में पुलिस को मौके से जले हुए स्टीकर भी मिले थे।
नकली शराब की बोतल के स्टीकर असली बोतल से मिलते जुलते ही थे, लेकिन स्पेलिंग गलती और पतों का रंग अलग था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में ही गौरव मिन्हास का नाम सामने आया। इसके बाद एसआईटी गठित कर जांच शुरू हुई। पुलिस ने इस पूरे मामले में कुल 49 ड्रम बरामद किए थे। इनमें 10 ड्रम स्प्रिट से भरे हुए और 39 खाली ड्रम थे। इस पूरे मामले में अब मोहित राजपूत, सन्नी गांधी, अश्वनी कुमार, गौरव मिन्हास, कर्म चंद, सागर सैनी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
नकली होलोग्राम और स्टीकर के साथ पकड़ी शराब सैंपल की लैब जांच रिपोर्ट मिल गई है। यह सारा कार्य गैर कानूनी तरीके से चल रहा था। पुलिस ने इस पूरे मामले में गहनता से जांच पड़ताल करते हुए त्वरित कार्रवाई अमल पर लाई है। जबकि अभी भी जांच जारी है।-अर्जित सेन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक ऊना।