जिले में पकड़ी गई नकली स्टीकर और होलोग्राम वाली शराब के मामले में शातिर अपनी गलतियों से ही पकड़े गए। संतरा देसी शराब के असली और नकली स्टीकर में काफी अंतर है। असली मार्का में पतों का रंग गहरा है जबकि नकली में यह रंग फीका है। इसी तरह नकली स्टीकर में ड्रिंक की स्पेलिंग अंग्रेजी में गलत लिखी गई है। नकली मार्का वाली शराब के दाम भी कम अंकित हैं। ऊना में प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि नकली और असली शराब बोतल में फर्क करना मुश्किल है। इस दौरान उन्होंने नकली होलोग्राम और मार्का स्टीकर वाली और असली शराब की बोतल रखकर इसकी पहचान भी करवाई। एसपी ने बताया कि नकली होलाेग्राम और मार्का स्टीकर वाली शराब के स्टीकर में कुछ गलतियां हैं। इन्हें देखकर इसका पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास नकली होलोग्राम और मार्का स्टीकर वाली शराब है तो इसे आबकारी विभाग को सौंप दें। इस तरह की शराब का सेवन न करें।
शराब ठेकेदार बोले - पुलिस सख्त कार्रवाई करे
नकली मार्का और स्टीकर वाली शराब बरामदगी के बाद शराब ठेकेदारों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। शराब ठेकेदार विवेक शर्मा, अनिल ठाकुर, शमशेर सिंह, मदन जसवाल और विश्वजीत पटियाल ने बताया कि अवैध शराब और नकली मार्का वाली शराब से सीधे तौर पर राज्य सरकार को चूना लग रहा है। इसके साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। उन्होंने पुलिस विभाग से आग्रह किया कि नकली मार्का के अलावा छोटे ढाबों और चिकन कॉर्नर में चल रहे शराब के अवैध कारोबार पर भी लगाम लगाए।