अस्सी सीढि़यां चढ़कर मालरोड़ पहुंच रहे हैं बुजुर्ग
लिफ्ट में एक बार में आठ लोग कर सकते हैं सवारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लोअर बाजार में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट तैयार होने के बावजूद शहरवासियों को सीढि़यां चढ़कर मालरोड पहुंचना पड़ रहा है।
रोपवे ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2022 में 1.47 करोड़ रुपये की लागत से 23.55 मीटर ऊंची लिफ्ट को बनाने का काम शुरू किया था। वर्तमान में लिफ्ट बनकर तैयार हो चुकी है। शुरुआत में लोगों को लिफ्ट की सुविधा निशुल्क प्रदान की जानी है, लेकिन कुछ समय के बाद इसके शुल्क निर्धारित किए जाएंगे। इसको लेकर लोअर बाजार में लिफ्ट के प्रवेशद्वार के पास कैश काउंटर का निर्माण किया जा चुका है। यह लिफ्ट लोअर बाजार में सुंदर पंसारी चौक से लोगों को मिडल बाजार तक पहुंचाएगी। इस वजह से लोगों को लिफ्ट से चंद सेकंड में मिडल बाजार और मालरोड पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
लोअर बाजार से मालरोड के लिए बनी लिफ्ट की क्षमता आठ व्यक्तियों की है। एक समय में लिफ्ट इतने ही लोगों लोअर बाजार से मालरोड और मालरोड से वापस लोअर बाजार लाएगी। इससे शहर के बुजुर्ग लोगों के अलावा देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को भी लाभ मिलेगा।
हैरानी इस बात की है कि वर्ष 2022 से निर्माणाधीन इस लिफ्ट को पहले छह माह में तैयार करने का दावा किया था लेकिन दो साल का समय बीतने के बाद भी इसका शहरवासियों को लाभ नहीं मिल पाया है। कुछ समय पहले ही रोपवे ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन अगस्त में इसके संचालन की बात कही थी लेकिन यह माह बीतने के बाद भी लोग लिफ्ट के संचालन का इंतजार कर रहे हैं।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
लोअर बाजार से मालरोड तक लिफ्ट की सुविधा मिलने से पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अभी तक सैलानी मालरोड घूमकर ही वापिस चले जाते हैं और अधिक चढ़ाई और पैदल चलने से बचने के लिए लोअर बाजार नहीं पहुंच पाते हैं। लिफ्ट बनने से अधिक संख्या में सैलानियों के लिए लोअर बाजार पहुंचने की उम्मीद थी, जिसका फायदा यहां के कारोबारियों को मिलना था लेकिन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में हो रही देरी के कारण इसका लाभ कारोबारियों को भी नहीं मिल पा रहा है।