दिन: रविवार। सुबह करीब साढ़े सात बजे उपमंडल अंब के धुसाड़ा में प्रवासी युवक रेलवे ट्रैक के पास घूम रहे थे। इसी दौरान पुल के पास चलते उन्हें तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनाई देती है। कुछ देर के लिए सभी सहम गए। एक युवक की नजर पुल से नीचे पड़ती है। जहां एक तेंदुआ कड़ाकी में फंसा दहाड़ें मार रहा है।
तेंदुए का पंजा कड़ाकी में फंसा है और वह उससे निकालने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। युवकों ने तेंदुए को फंसा देख फौरन इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों का हजूम उमड़ पड़ा। रेलवे ट्रैक और पुल पर जमा हुई भीड़ को देखकर तेंदुआ घबराहट में खुद को छुड़ाने के लिए और तड़प उठा।
हालांकि, तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई लोग जुगत भिड़ा रहे थे लेकिन कुछेक लोग ऐसे भी थे जो पत्थर भी फेंक रहे थे। मौके पर जुटे लोगों के विरोध से पत्थरबाजी करने वालों को रोक दिया गया। तेंदुए को बचाने के लिए कई लोग प्रयासरत दिखे। फिर उसे बचाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। दोपहर करीब 10 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है लेकिन वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तेंदुए को बचाने में असमर्थ दिखे।
गोपालपुर जू में भेजा तेंदुआ: एसीएफ
वन विभाग के एसीएफ राहुल शर्मा और रेंज ऑफिसर राजेश ठाकुर टीम के साथ मौके पर डटे रहे। वन विभाग हमीरपुर स्थित अपने अधिकारियों से संपर्क कर टीम को बुलाया गया। अढ़ाई बजे हमीरपुर से टीम पहुंची। टीम ने तेंदुए को ट्रैंकोलाइजर गन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद करीब चार बजे बेहोश कर काबू किया।
स्थानीय लोगों जीवन कुमार, अजय कुमार, सोमदत्त, राज कुमार, विजय, निर्मल, महेंद्र सिंह, संजय, सुशील कुमार, मनोहर, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, सतविंद्र कुमार, निर्मल कुमार, श्याम लाल, सतपाल, अशोक कुमार, गिरधारी लाल ने बताया कि आसपास के
क्षेत्रों में तेंदुआ कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। तेंदुए को कड़ाकी में फंसे सुबह करीब साढ़े सात देखा गया लेकिन वह उसमें कब से फंसा, यह किसी को मालूम नहीं है। कड़ाकी लगाए जाने से क्षेत्र में जंगली जानवरों के अवैध शिकार किए जाने का भी खुलासा होता है।
वन विभाग के एसीएफ राहुल शर्मा का कहना है कि तेंदुए को कड़ी मशक्कत के बाद कड़ाकी से निकालकार काबू कर लिया गया है। तेंदुए के पैर में चोट लगी है, घायल तेंदुए को उपचार देने के बाद पिंजरे में डाल कर गोपालपुर स्थित जू में भेजा जा रहा है।