आईजीएमसी के आसपास घूम रहे तेंदुए को विभाग ने आखिर पकड़ ही लिया। तेंदुआ कई दिनों से आईजीएमसी अस्पताल के आसपास घूम रहा था। मामला हिमाचल के शिमला का है। यही नहीं आईजीएमसी परिसर से सटे एमबीबीएस ब्वॉयज हास्टल के पास तेंदुआ तीन दिन पहले एक कुत्ते को भी उठा चुका था।
यहां तेंदुए के बार-बार देखे जाने से लोग दहशत में थे। तेंदुए को पकड़ने के लिए यहां दो केबिन वाला पिंजरा रखा गया। इसके एक केबिन में कुत्ता बांधा था। शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे तेंदुआ पिंजरे में जा फंसा। मेडिकोज (प्रशिक्षु छात्र) ने पिंजरे में कुत्ते के साथ दूसरे केबिन में तेंदुए को कैद हुआ पाया।
कुत्ते पर झपटने की कोशिश में था
तेंदुआ दूसरे केबिन में बंधे कुत्ते को गुर्राते हुए उस पर झपटने की नाकाम कोशिश भी बीच में कर रहा था। छात्रावास संचालकों ने इसकी सूचना वन्य प्राणी विंग के अधिकारियों को दी। लोगों की भीड़ भी अच्छी खासी यहां जुट चुकी थी।
वन्य प्राणी विंग की सात सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और फिर ट्रेंकुलाइजर गन से शॉट लगाकर तेंदुए को बेहोश किया गया। रात साढ़े दस बजे के आसपास दवा के असर से तेंदुआ बेसुध हो गया। इसके बाद तेंदुए को वाहन में रखे पिंजरे में डालकर सवा ग्यारह बजे टुटीकंडी स्थित वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया।
लगातार यहां घूम रहा था तेंदुआ
आईजीएमसी के एमएस डा. रमेश ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार छात्रावास परिसर में तेंदुआ नजर आ रहा था। छात्रों और साथ सटे आईजीएमसी के ऑर्थो वार्ड के मरीजों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने की मांग की थी।
वन्य प्राणी विंग के डीएफओ सतीश गुप्ता ने बताया कि छात्रावास, कर्मियों और मेडिकोज की मांग पर पिंजरा लगाया था। तेंदुआ पूरी तरह से व्यस्क था। इसे पिंजरे से रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया है।