सुनील घर पहुंचा और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। बाद में सुनील को डीडीयू अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद इसे घर भेज दिया है।
मादा तेंदुए के हमले के बाद इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है। वन विभाग का कहना है कि मादा तेंदुआ अभी बच्चों के साथ जंगल में घूम रही है। ऐसे में पिंजरा लगाकर इसे पकड़ा नहीं जा सकता। गांव के लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।
यदि जरूरत पड़ी और गांव के लोगों ने मांग रखी तो पिंजरा लगा दिया जाएगा। डीएफओ शिमला ग्रामीण सुशील राणा ने कहा कि मादा तेंदुए ने कर्मचारी पर हमला किया है। यह तेंदुआ अपने बच्चों के साथ जंगल में घूम रही है। इसलिए लोगों को एहतियात बरतने को कहा है।
वन विभाग की टीमें मौके पर भेजी गईं हैं। लालपानी में दाड़नी के बगीचे के पास एक हफ्ते से तेंदुए ने दहशत मचा रखी है। स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार देर शाम भी तेंदुए ने दो कुत्तों को अपना शिकार बना डाला। रविवार को कई कुत्तों को तेंदुआ मार चुका है।
स्थानीय निवासी राकेश शर्मा, प्रदीप कुमार, अजय, रिंकू और बिशनदास ने कहा कि वन विभाग शिकायत करने के बावजूद यहां पिंजरा नहीं लगा रहा। तेंदुआ आवारा कुत्तों की तलाश में आए दिन रिहायशी इलाके में आ रहा है। इससे शाम ढलते ही घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।
वन विभाग यहां तुरंत पिंजरा लगाए। नवबहार और सचिवालय के साथ लगते जंगल में भी तेंदुआ देखे जाने की शिकायतें मिली हैं। डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि तेंदुए के हमले से घायल मरीज को सुबह के समय
अस्पताल लाया गया प्राथमिकता के आधार पर उसे उपचार दिया। घायल को एंटी रेबीज वैक्सीन का टीका भी लगाया है। घायल के हाथ और सिर पर हल्की चोटें आई हैं। उपचार के बाद मरीज को घर भेज दिया है।