तेंदुए के हमले में घायल नरेश कुमार, विनय रॉय, बाबू राम और अमजद अस्पताल में उपचाराधीन हैं। चारों बुरी जख्मी हुए हैं। स्थानीय निवासी दलीप सिंह, छाजूराम, प्रताप सिंह, तुलसी राम ने बताया कि सुबह तेंदुए को सिविल सप्लाई की दुकान की ओर आते देखा, जहां उसने डिपो होल्डर नरेश (29) पर हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।
उसके बाद तेंदुआ बाजार की ओर भागा। इस बीच तीन अन्य लोगों पर झपट कर जख्मी कर दिया। तेंदुआ लोगों के शोर से डर से एक दुकान में घुस गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत दुकान का शटर बंद कर दिया। सूचना मिलने पर शाम करीब छह बजे वन्य प्राणी विभाग की टीम पिंजरा लेकर पहुंची। घंटों तक उसे निकालने के प्रयास किए गए।
थोड़ा सा शट्टर उठाकर पिंजरा लगाया गया, जबकि एक तरफ जाली लगाई गई, लेकिन भीतर से आवाज नहीं आ रही थी। एक लंबी पाइप भीतर डालने पर भी कोई हरकत नहीं हुई।
इसके बाद शट्टर को खोलकर देखा तो तेंदुआ मरा हुआ था। रेस्क्यू के लिए पहुंची टीम में वन विभाग के रेंज अफसर सुरेश पाल, वन्य प्राणी विभाग डॉ. अमित राजटा शामिल रहे।
डॉ. राजटा ने बताया कि तेंदुए की मौत के कारणों के बारे में फिलहाल नहीं बताया जा सकता। पोस्टमार्टम से ही इसका खुलासा होगा। हो सकता है कि देर तक कमरे में बंद रहने से डर और दम घुटने से उसकी मौत हुई होगी।