सैकड़ों वर्ष पहले मां ज्वाला देवी की जिन अखंड जोतों ने मुगल सम्राट अकबर की आंखें खोल दी थीं, उन्हीं अखंड जोतों पर 21वीं शताब्दी में कुछ वेबसाइटों ने झूठी व भ्रामक जानकारियां पोस्ट की हैं।
हजारों वर्षों से निरंतर घी, तेल व बाती के बिना जल रहीं माता की पवित्र अलौकिक ज्योतियों के बारे में इंटरनेट पर मौजूद गलत व भ्रामक जानकारी असंख्य भक्तों की आस्था पर चोट पहुंचा रही हैं।
मां के एक भक्त एडवोकेट अभिषेक पाधा ने ऐसी कुछ वेबसाइटों को कानूनी नोटिस भेजकर मां की अखंड ज्योतियों के बारे में दी गई भ्रामक जानकारी अविलंब हटाने और माफी मांगने को कहा है।
अभिषेक पाधा ने कहा कि मां ज्वालामुखी मंदिर की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे। सहायक मंदिर आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी संजीव कुमार ने कहा कि अगर हमारे पास शिकायत आई तो हम पूरी जांच करवाकर तथाकथित वेबसाइटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
ये भ्रामक जानकारी की है पोस्ट
कुछ नामी वेबसाइटों पर शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर के बारे में कहा गया है कि श्री ज्वालाजी मंदिर में पुजारियों द्वारा तांबे की नालियां बिछाई गई हैं। इनसे मां के मंदिर में जल रहीं ज्योतियों के लिए गैस की आपूर्ति की जाती है। इन वेबसाइटों में हजारों वर्ष से बिना तेल-बाती लगातार जल रहीं ज्योतियों के चमत्कार पर सवाल उठाए गए हैं।
गर्भगृह में जलती हैं सात ज्योतियां
श्री ज्वालामुखी मंदिर में सात अलौकिक ज्योतियां मां महाकाली, मां महालक्ष्मी, मां महा सरस्वती, माता हिंगलाज, मां विंध्यवासिनी, मां चंडी और माता अन्नपूर्णा के रूप में हजारों वर्षों सेे दिन-रात बिना घी, तेल, बाती के निरंतर जल रहीं है। मैया का यह साक्षात चमत्कार दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालु देख कर चुके हैं।
विहिप कोर्ट में दायर करेगी याचिका
विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार ने कहा कि कुछ वेबसाइटों पर हावी अकबर की मानसिकता नहीं चलेगी। हिंदुओं की आस्था का प्रतीक मां ज्वाला देवी मंदिर की ज्योतियों के बारे दुष्प्रचार को सहन नहीं किया जाएगा।
अकबर का अहंकार मां ज्चालाजी मंदिर में ही टूटा था। गलत व भ्रामक प्रचार करने वाली वेबसाइट चलाने वालों के विरुद्ध विहिप कोर्ट में याचिका दायर करेगी।