हिमाचल विधानसभा में रखी कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के पांच जिलों के उपायुक्तों ने आपदा निधि का दुरुपयोग किया है। जिला शिमला, बिलासपुर, कांगड़ा, किन्नौर और सोलन के उपायुक्तों ने यह अनियमितताएं की हैं। उपायुक्तों ने आपदा से क्षतिग्रस्त न होने के बावजूद सरकारी कार्यालयों एवं आवासीय भवनों की मरम्मत पर 2.19 करोड़ खर्च दिए जबकि आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के दावे लंबित रखे।
शिमला में वर्ष 2016-2017 के बीच 29.19 लाख 26 कार्यों के लिए, बिलासपुर 2014-2017 के दौरान 37 कामों के लिए 52.73, कांगड़ा 2016-18 के दौरान 44.42 लाख 30 कार्यों के लिए, किन्नौर साल 2015-2017 के लिए 47.44 लाख 20 कार्यों के लिए और सोलन 2016-2018 के लिए 45.51 67 कार्यों के लिए स्वीकृत किए हैं। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य आपदा निधि का उचित उपयोग करने में राज्य कार्यकारी समिति अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकी।