हिमाचल में पुनर्नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अब सरकार यह सुविधा नहीं देगी। इन्हें अवकाश यात्रा छूट (एलटीसी) नहीं मिलेगी। नियुक्ति की अवधि के बीच हिमाचल सरकार की ओर से ग्रेच्युटी भी नहीं दी जाएगी। न ही वेतन में ही किसी तरह की बढ़ोतरी होगी। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
शनिवार को वित्त विभाग ने इस बारे में आदेश भी जारी कर दिए हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्नियुक्ति पाने वाले सरकारी मुलाजिमों को वेतन उनसे संबंधित हिमाचल प्रदेश राज्य सिविल सेवाएं आदेशों में समय-समय पर हुए संशोधन के मुताबिक ही मिलेगा। नियुक्ति की अवधि सरकार की ओर से निर्धारित समय के अनुसार होगी।
सरकार सेवाओं के संतोषजनक नहीं पाए जाने पर तय अवधि से पूर्व भी ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक माह का नोटिस देने के बाद समाप्त कर सकेगी। ऐसे कर्मचारियों को उसी दर से टीए-डीए मिल सकेगा, जितना उनकी पुनर्नियुक्ति से पहले के सेवाकाल में मिलता रहा है।
सीसीएस लीव रूल्स 1972 के प्रावधान इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। यानी इन्हें एलटीसी और एचटीएलटीसी जैसे अवकाश लाभ नहीं मिलेंगे। सरकारी आवास केवल मकानों की उपलब्धता पर ही मिलेंगे। इन्हें पुनर्नियुक्ति की अवधि की ग्रेच्युटी और डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी।