नगर निगम की दुकानों में अब तक अवैध निर्माण कर चुके दुकानदारों से नगर निगम पांच गुना ज्यादा किराया वसूलेगा। इसके अलावा जो कारोबारी अब तक सबलेटिंग कर चुके हैं, उनको
वन टाइम सेटलमेंट के तहत अंतिम मौका देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। सदन में फैसला लिया गया कि हर पांच साल बाद संपत्तियों का किराया दस फीसदी बढ़ाया जाएगा। किराए के साथ टैक्स वसूलने की भी तैयारी है।
सबलेट की दुकानों का अब ये होगा नया किराया (किराया प्रतिवर्ग फीट के अनुसार)
एरिया दुकान/स्टॉल नियमितीकरण एकमुश्त राशि
1.पदमदेव कांपलेक्स 250 रुपये 6000रुपये प्रतिवर्ग फीट
2.मालरोड व रिज क्षेत्र 250 रुपये 6000 रुपये प्रतिवर्ग फीट
मिडल बाजार, 80 रुपये 5000 रुपये प्रतिवर्ग फीट
नंदलाल वर्मा कांपलेक्स,
लोअर बाजार (टनल), दौलत
राम चौहान कांपलेक्स, ऑकलैंड,
लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार,
लक्कड़ बाजार स्टॉल, रामबाजार,
लोकल बसस्टैंड एरिया
5.गंज बाजार, सब्जी मंडी 40 रुपये 2000 रुपये प्रतिवर्ग फीट
6. उपनगरों में 40 रुपये 2000 रुपये प्रतिवर्ग फीट
माल रोड पर एक निर्माणाधीन भवन में ही शोरूम और दुकानें खोल दी गई हैं। नाज चौक के समीप बन रहे इस बहुमंजिला भवन में एक ओर दुकानें सजी हैं तो दूसरी ओर अंदर और ऊपर के फ्लोर में निर्माण कार्य चल रहा है।
कमाई के लालच में भवन मालिक ने काम पूरा करने से पहले ही इसमें दुकानें खोल दीं। यही नहीं, मंजूर नक्शे से ज्यादा निर्माण करने के भी आरोप लगे हैं। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने संबंधित भवन मालिक को नोटिस थमा दिया है।
नियमानुसार किसी भी भवन का काम पूरा होने के बाद ही इसमें कोई व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा सकती है। बाकायदा नगर निगम से इसकी अनुमति और कंपलीशन रिपोर्ट लेनी होती है। एमसी की एनओसी के बाद ही भवन मालिक को बिजली का कनेक्शन मिलता है। लेकिन इस भवन मालिक ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली।
निर्माणाधीन भवन में खुले शोरूम और दुकानों में बिजली के कनेक्शन भी लगे हैं। सवाल उठता है कि आखिर बिना एमसी की एनओसी के ये कनेक्शन कैसे लग गए। यही नहीं, यदि ये कनेक्शन कंस्ट्रक्शन के हैं तो कैसे इन्हें दूसरे कामों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह भवन शहर के एक रसूखदार होटल मालिक का बताया जा रहा है। नगर निगम के आर्किटेक्ट प्लानर राजीव शर्मा का कहना है कि भवन मालिक के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई है। कहा कि बिना कंपलीशन के कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं की जा सकती। भवन मालिक को नोटिस जारी कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।