एनएचपीसी की 800 मेगावाट पार्वती जल विद्युत परियोजना की टनल का रिसाव कम होने के बजाए बढ़ता जा रहा है। अब करीब आधा दर्जन जगहों से पानी का रिसाव होने लगा है। ऐसे में कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालत बन गए हैं। इससे सैंज घाटी की रैला पंचायत के कई गांवों को खतरा हो गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। परियोजना प्रबंधन टनल में छोड़े गए पानी को बंद करने का दावा कर रहा है, लेकिन शनिवार को रिसाव का दौर जारी था जो पहले के मुकाबले कई गुणा अधिक बढ़ गया है।
ऐसे में रैला पंचायत के ग्रामीणों में हड़कंप का स्थिति है। पंचायत के गांव रैला, शरण, जीवा, सुलगा, खडोहा, राण, शलाह तथा भेंबल आदि के लोग टनल में रिसाव बढ़ने से भयभीत हैं। जगह-जगह पानी के रिसाव से घबराए ग्रामीणों ने एनएचपीसी को चेतावनी दी है कि अगर रिसाव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वह पूरी पंचायत के लोग धरने पर बैठ कर परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर देंगे।
रैला पंचायत की प्रधान खीम दासी ने कहा कि टनल में छह-सात जगहों से पानी रिसाव हो रहा है और उनके खेत खलियान भी पानी से भर गए हैं। टनल के रिसाव से बह रहे पानी से रैला पंचायत के आधा दर्जन गांव खतरे की जद में हैं। इधर, एनएचपीसी के मुख्य अभियंता एसके यादव ने कहा कि पानी को बंद कर दिया है और टनल में भरा पानी बाहर निकाला जा रहा है।
टनल वाली पहाड़ी से हो रही लीकेज के जांच के लिए शिमला से टीम आएगी। एसडीएम बंजार मनी राम भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन ने जांच शुरू कर इसकी रिपोर्ट डीसी कुल्लू को भेज दी है। टनल में छोड़ा गया पानी को बंद कर दिया है। पहाड़ी के निकल रहे पानी के रिसाव की भी जांच की जा रही है। वहीं, उपायुक्त कुल्लू युनूस ने बताया कि परियोजना प्रबंधन ने लिखित में पानी के रिसाव से किसी भी प्रकार का खतरा न होने की जानकारी दी है।