आईआईटी मंडी के 14वें दीक्षांत समारोह में वेलस्पन समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन बीके गोयनका ने विद्यार्थियों को बदलती दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री, अंक और ज्ञान पर्याप्त नहीं हैं। तेजी से बदलती दुनिया में सफलता उन्हीं को मिलेगी जो बदलाव को स्वीकार करेंगे, जोखिम उठाएंगे और अपने ज्ञान को प्रभावी ढंग से लागू कर पाएंगे। गोयनका ने कहा कि भारत को मेड इन इंडिया के सपने को साकार करने के लिए एआई और तकनीक का प्रभावी उपयोग करना होगा।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि तकनीक और एआई की तेज प्रगति के बावजूद भूख, गरीबी, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसी चुनौतियां आज भी दुनिया के सामने हैं। कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में आज स्नातक हो रहे छात्र आने वाले दो दशकों में देश और दुनिया के बदलाव के प्रमुख भागीदार होंगे।