उच्च न्यायालय की ओर से शहर के भीतर प्रतिबंधित और सील्ड रोड पर वकीलों के वाहनों पर लगी रोक को लेकर दिए आश्वासन के बावजूद जिला न्यायालय में वकीलों ने पांचवें दिन भी कामकाज ठप रखा। जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को चक्कर स्थित जिला न्यायालय में सुबह 10 बजे आम सभा की। इसमें सभी अधिवक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे।
इस दौरान जिला न्यायालय के अधिवक्ता ने पूरे दिन अदालती कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। शुक्रवार सुबह जिला न्यायालय के अधिवक्ता कोर्ट पहुंचे। इसके बाद एसोसिएशन की आम सभा 10 बजे शुरू हुई और शाम 3 बजे तक चली। गौरतलब है कि बालूगंज-विस प्रतिबंधित मार्ग पर वकीलों की गाड़ियों को नहीं गुजरने दिया जा रहा है। इससे वकील भड़क गए हैं। वकीलों का कहना है कि जब अधिकारी और ब्यूरोक्रेटेस तथा ज्यूडिसिरी के वाहन यहां से जा सकते हैं तो हमारे क्यों नहीं? तर्क दिया है कि कानून सबके लिए एक होना चाहिए।
वकील सरकारी और न्यायालय से इस मार्ग से गुजरने की इजाजत देने की मांग कर रहे हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सरकैक ने बताया कि आम सभा ने यह तय किया कि उच्च न्यायालय की ओर से मांगे समय पर आम सभा ने तय किया कि जिला बार एसोसिएशन उच्च न्यायालय व प्रदेश सरकार को एक हफ्ते का समय देती है। अध्यक्ष राजीव सरकैक ने चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर वकीलों की जायज मांगों पर उच्च न्यायालय एवं प्रदेश सरकार ने कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो जिला बार एसोसिएशन अपने आंदोलन को किसी भी सीमा तक ले जा सकती है।