अध्यादेश के जरिये पहले लागू हो चुकी है नई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शिमला की बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर निजी वाहनों के पास शुल्क में कटौती की व्यवस्था अब कानून बन गई है। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने 12 अक्तूबर को शिमला की सड़कों का उपयोग करने वालों तथा पैदल चलने वालों के लिए (लोक सुरक्षा और सुविधा) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है।
विधि विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले सरकार अध्यादेश के जरिये शुल्क में कटौती और छह माह के पास की व्यवस्था लागू कर चुकी थी। अब संशोधन विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद इसे कानूनी रूप मिल गया है। इससे इन सड़कों से गुजरने वालों को अब राहत मिलेगी।
सरकार ने पहले शिमला की बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर निजी वाहनों के पास शुल्क में बढ़ोतरी की थी। बंधित सड़क के सालाना पास का शुल्क 2,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये और प्रतिबंधित सड़क के पास का शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया था। शुल्क वृद्धि के बाद इसका विरोध हुआ। इसके बाद सरकार ने जुलाई में अध्यादेश जारी कर शुल्क घटाने का फैसला लिया। बंधित सड़क के सालाना पास का शुल्क 15,000 रुपये से घटाकर 8,000 रुपये और प्रतिबंधित सड़क के पास का शुल्क 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया गया। अब इसी व्यवस्था को विधायी मंजूरी मिल गई है।
सरकार ने जुलाई में अध्यादेश जारी कर नई दरें लागू की थीं। इसके बाद अध्यादेश की जगह लेने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश किया गया। विधानसभा से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया। अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने से पास शुल्क में कटौती और छह माह के पास की सुविधा को कानूनी आधार मिल गया है।
छह माह के पास का विकल्प भी
संशोधित व्यवस्था में निजी वाहन मालिकों को छह माह का पास बनवाने का विकल्प भी दिया है। बंधित सड़क के लिए छह माह के पास का शुल्क 4,500 रुपये और प्रतिबंधित सड़क के लिए 2,000 रुपये तय किया है। इससे उन वाहन मालिकों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें पूरे साल के बजाय कुछ महीनों के लिए ही इन सड़कों का इस्तेमाल करना है।
सालाना पास शुल्क में कितनी कटौती
पास का प्रकार
पहले शुल्क
अब शुल्क
बंधित सड़क (सालाना)
15,000 8,000
प्रतिबंधित सड़क (सालाना)
5,000 3,000
बंधित सड़क (छह माह)
— 4,500
प्रतिबंधित सड़क (छह माह)
—
2,000