नालों में अवैध डंपिंग से खतरा
शिमला शहर में तो बरसात के मौसम के लिए तैयारी की गई है लेकिन जिले के बाकी इलाकों में व्यवस्था रामभरोसे है। ठियोग, कोटखाई, चौपाल समेत सुन्नी आदि इलाकों में नालों में बड़े पैमाने पर अवैध डंपिंग की गई है। बरसात में यह तबाही मचा सकती है। शिमला शहर की दूसरी सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गिरि के कैचमेंट भी छैला, ठियोग क्षेत्र में भारी मलबा फेंका गया है। यह बरसात में शिमला के लिए पानी की आपूर्ति रोक सकता है। बीते साल भी गिरि में गाद आने से कई दिन शिमला शहर के लिए पानी की आपूर्ति बंद रही थी। चाबा में पंपिंग मशीनरी तक को नुकसान पहुंचा था।
बड़ा प्लान भी तैयार पर बजट का इंतजार
नगर निगम ने शहर के सभी नालों को पक्का करने के लिए 77 करोड़ रुपये का बड़ा प्लान भी तैयार किया है। इसे केंद्र सरकार को भेजा है जिसकी सैद्धांतिक मंजूरी भी आ गई है। हालांकि, अभी इसका बजट मिलने का इंतजार है।
राजधानी में इस बार कचरे और मलबे के कारण नाले और नालियां बंद नहीं होंगी। इनकी बरसात से पहले ही सफाई करवाई जा रही है। कई नालों की सफाई पूरी भी हो गई है। 22 नालों की सफाई ठेकेदार से करवा रहे हैं। मानसून सीजन से पहले ही शहर की निकासी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला।