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Shimla: बीते मानसून में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से मची थी तबाही, इस साल पहले से तैयारी

Thu, 20 Jun 2024 12:16 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शिमला में बीते साल निकासी व्यवस्था फेल होने से बरसात में भारी तबाही मची थी।
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ड्रेनेज सिस्टम शिमला। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बीते साल निकासी व्यवस्था फेल होने से बरसात में भारी तबाही मची थी। भारी बारिश के कारण शहर के नाले और नालियों से पानी का बहाव रिहायशी इलाकों की ओर मुड़ गया था। इसके चलते कृष्णानगर, खलीनी, विकासनगर, कनलोग, समरहिल में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था। इस आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने नगर निगम शिमला को बरसात की पहले ही तैयारी के निर्देश दिए थे।

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बाकायदा पांच करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था। नगर निगम ने इस बार बरसात की पहले ही तैयारी कर ली है। जिन कारणों से शहर में नुकसान हुआ था, उनमें सबसे पहले सुधार किया गया है। शहर के सबसे बड़े कृष्णानगर नाले को पक्का कर लिया गया है। सर्कुलर रोड, खलीनी, टूटीकंडी मैहली बाइपास पर भी नालों का चैनेलाइजेशन का काम पूरा कर लिया है। 

अब बरसात में नाले उफान पर आने के बावजूद सड़कें बंद नहीं कर पाएंगे। कृष्णानगर में भी नाले का बहाव अब रिहायशी बस्ती में नहीं जाएगा। शिमला शहर के सभी वार्डाें में नालियों को पक्का करने का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। खास बात यह है कि कचरे के कारण नाले बंद न हों, इसके लिए पांच जून से शहर के हर वार्ड में नालों की सफाई का अभियान चल रहा है। शहर के 22 नाले ऐसे हैं जिन्हें ठेकेदार से साफ करवाया जा रहा है। इनके टेंडर हो चुके हैं। एक हफ्ते में सफाई पूरी होगी।
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जिला की सड़कों के किनारे नालियां पक्की की जा रही हैं। इससे सड़क पर जलभराव नहीं होगा। भूस्खलन का खतरा भी कम होगा। बरसात से पहले सभी सड़कों की निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।-प्रवीण वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

नालों में अवैध डंपिंग से खतरा
शिमला शहर में तो बरसात के मौसम के लिए तैयारी की गई है लेकिन जिले के बाकी इलाकों में व्यवस्था रामभरोसे है। ठियोग, कोटखाई, चौपाल समेत सुन्नी आदि इलाकों में नालों में बड़े पैमाने पर अवैध डंपिंग की गई है। बरसात में यह तबाही मचा सकती है। शिमला शहर की दूसरी सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गिरि के कैचमेंट भी छैला, ठियोग क्षेत्र में भारी मलबा फेंका गया है। यह बरसात में शिमला के लिए पानी की आपूर्ति रोक सकता है। बीते साल भी गिरि में गाद आने से कई दिन शिमला शहर के लिए पानी की आपूर्ति बंद रही थी। चाबा में पंपिंग मशीनरी तक को नुकसान पहुंचा था।
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बड़ा प्लान भी तैयार पर बजट का इंतजार
नगर निगम ने शहर के सभी नालों को पक्का करने के लिए 77 करोड़ रुपये का बड़ा प्लान भी तैयार किया है। इसे केंद्र सरकार को भेजा है जिसकी सैद्धांतिक मंजूरी भी आ गई है। हालांकि, अभी इसका बजट मिलने का इंतजार है। 

राजधानी में इस बार कचरे और मलबे के कारण नाले और नालियां बंद नहीं होंगी। इनकी बरसात से पहले ही सफाई करवाई जा रही है। कई नालों की सफाई पूरी भी हो गई है। 22 नालों की सफाई ठेकेदार से करवा रहे हैं। मानसून सीजन से पहले ही शहर की निकासी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला।
 
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