प्रदेश के दस जिलों में से चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला में काफी नुकसान हुआ है। नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। ब्यास का जलस्तर वर्ष 1995 से ज्यादा रिकार्ड किया गया है। सड़कों को नुकसान पहुंचा है। लाहौल-स्पीति में भी भारी बारिश हो रही है। किन्नौर और बिलासपुर जिलों में अपेक्षाकृत काफी कम नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने मौसम विज्ञान केंद्र की भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों और पर्यटकों को सुझाव दिया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वे सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। सरकार ने चेतावनी को देखते हुए पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी। सभी उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन टीमें मुस्तैद रखने को कहा था।
लोकसभा में मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर ने प्रदेश में भारी बारिश से हुए जानमाल के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से जल्द राहत पहुंचाने का आग्रह किया है। कहा कि हिमाचल में तीन दिन से भारी बारिश हो रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र की एडवाइजरी के हिसाब से अभी यह दो-दिन तक जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश से राज्य की कई सड़कें बंद हो गई हैं। अब तक 126 सड़कें भूस्खलन का शिकार हो गई हैं।
कई स्थानों पर जानमाल के नुकसान की सूचना है। कई जगह बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रदेश में काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। अनुराग ने कहा कि राज्य में लगातार हो रही बारिश की स्थिति चिंताजनक है।