इसमें दसवीं-जमा दो कक्षा के 4400-4400 मेधावी शामिल किए गए हैं। उधर, पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के 2.61 लाख विद्यार्थियों को स्कूल बैग देने की घोषणा भी बीते साल के बजट में हुई थी लेकिन साल 2018 में इसको लेकर भी कोई निर्णय नहीं हो सका। अब चुनाव आचार संहिता से पहले सरकार ने इन दोनों योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में जुट गई है।
उधर, स्कूल वर्दी देने के लिए 25 फरवरी को टेंडर खुलेंगे। मई-जून महीने तक विद्यार्थियों को वर्दी देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए दस हजार बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। कुछ स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के चलते मशीनें नहीं लग पा रही हैं। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीएसएनएल से संपर्क कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन ने मशीनों की खरीद कर ली है।
शिवरात्रि के लिए पेज तीन