हिमाचल में स्थानीय बोलियों के विलुप्त होने पर भाषा के जानकारों ने चिंता जताई है। वे पहाड़ी भाषा को बढ़ावा देने के लिए वेबिनार के माध्यम से हिमाचल की बोलियों पर चर्चा कर रहे थे। भाषा विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में पहाड़ी भाषा को बढ़ावा देने के लिए चार जिलों सोलन, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर की स्थानीय बोलियों के उत्थान पर विचार-विमर्श किया गया। विभाग की सहायक निदेशक कुसुम संघाईक ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले वक्ताओं का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गौतम व्यथित ने की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्थानीय बोलियों का इस्तेमाल आम है, लेकिन शहरों में खासतौर पर युवा वर्ग भाषा के इस्तेमाल से परहेज कर रहा है।