मनाली-लेह मार्ग पर रविवार सुबह करीब छह बजे भूस्खलन हो गया, जिससे करीब तीन घंटे तक सैकड़ों वाहन फंसे रहे। बंता मोड़ के पास मलबे और दलदल में वाहन फंस गए। इसमें पर्यटकों के साथ सब्जी से भरे वाहन भी शामिल रहे। वाहनों को धक्का मारकर मुश्किल बाहर निकाला गया।
पांच दिन पहले यहां भूस्खलन होने के बाद अभी तक स्थिति में सुधार नहीं आया है। जनजातीय क्षेत्र के लोग वाहनों को दलदल से निकालने में पर्यटकों की मदद कर रहे हैं। लेकिन बीआरओ मनाली-लेह मार्ग को बहाल नहीं रख पा रहा है।
इसके चलते रविवार सुबह भी मढ़ी व रोहतांग के बीच भूस्खलन की समस्या बनी रही। हालांकि बाद में बीआरओ ने मौके पर पहुंचकर मनाली-लेह मार्ग को बहाल कर दिया था। लेकिन सड़क दलदल में तबदील हो गई, जिससे वाहन फंस रहे।
पहले भूस्खलन और बाद में दलदल ने दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी मुश्किल को बढ़ा दिया। इतना ही नहीं कई वाहनों को दूसरे वाहन के साथ बांधकर दलदल से निकालना पड़ा। हालांकि मनाली-लेह मार्ग पर सैलानियों की आवाजाही में भारी कमी आई है।
ऐसे में सबसे अधिक परेशान लाहौल के किसानों को हो रही है। इसके अलावा लाहौल, पांगी-किलाड़ के लोग भी कम परेशान नहीं है। दूसरी ओर रोहतांग दर्रा सहित बारालाचा और कुंजम जोत में इन दिनों पड़ रही धुंध से सफर जोखिम भरा हो गया है।
उधर, एसडीएम मनाली डॉ. अमित गुलेरिया ने बताया की सैलानियों को सुबह सात बजे के बाद व शाम सात बजे से पहले रोहतांग दर्रा पार करने की सलाह दी गई है। एसडीएम ने सैलानियों से आग्रह किया है कि वे मौसम को भांपकर ही सफर करें।