इसकी जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को पूरी राशि दी जाएगी। बीते दिनों पीड़ित महिला के जर्जर मकान की हालत पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। इसका असर हुआ और प्रशासन ने पांच हजार रुपये और तिरपाल देने का एलान किया। इस राशि के साथ एक कर्मचारी को महिला के घर भेजा गया।
कर्मचारी ने सात सौ रुपये अपनी जेब में डालते हुए महिला को 4300 रुपये थमा दिए। तर्क दिया 700 रुपये टैक्सी का किराया बना है। इस पर महिला हैरान भी रह गई।सीपीआईएम नेता संदीप वर्मा और बालकृष्ण बाली ने बताया कि अधिकारी का रवैया हैरान करने वाला है। प्रभावित को पूरी राशि दी जानी चाहिए।