चीन की सीमा तक जाने वाले सामरिक महत्व का मनाली-लेह मार्ग भारी भूस्खलन के चलते 12 घंटे तक बंद रहा। रोहतांग और राहनीनाला के बीच विशालकाय चट्टानों और मलबे से सड़क बाधित हो गई।
सुबह छह बजे भूस्खलन होने की सूचना मिलते ही बीआरओ के जवान सड़क को बहाल करने में जुट गए। हालांकि छोटे पत्थरों को तो जेसीबी से हटा लिया गया। लेकिन बड़ी चट्टानों को ब्लास्ट करके ही रास्ता खोलना पड़ा।
लेकिन कीचड़ और मलबे से सड़क दलदल में तबदील हो गई। जिसे पूरी तरह से 12 घंटे बाद शाम छह बजे ही बहाल किया जा सका।
मनाली लेह मार्ग के बंद हो जाने से लेह की ओर रसद और असलाह ले जा रहे सैनिक वाहनों समेत करीब दो हजार सैलानी जाम में फंसे रहे। जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।